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रानीसती दादी भजन लीरिक्स

Thare mandiriye ke mahi thare devaliye ke mahi dadi ,थारे मंदिरिये के माहींथारे देवरिय के माहींदादी दादी, हो दादी,dadi bhajan

थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी, हो दादी,

थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी, हो दादी,
गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।

हर घर में धजा फहरावे,
सत्य को पर्चो लहरावे,
अमृत की, अमृत की,
अमृत की पड़े फुंहार,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।



थारी राजवाड़ा सी हवेली,
माँ खोल के बैठी थैली,
दुनियां, दुनियां, हां दुनियाँ,
लूट रही भण्डार,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।



रोगी को रोग मिटाओ,
बांझण की गोद भराओ,
माँ कृपा, माँ कृपा,
माँ किरपा की भण्डार,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।



माँ हर्ष थारा गुण गावे,
थारे मंड में धोक लगावे,
गावे थारो, गावे थारो,
गावे थारो मंगलाचार,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।



थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी, हो दादी,
गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी,
दादी गूंजे जय जयकार
थारे देवरिय के माहीं।

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