इमें भाव भरा है दादी थे करलो माँ सवीकार
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
चूनड़ ल्याया हां भवानी जी थारा सेवक आज रे
मंगसीर की नवमी आई, खुशियाँ ही खुशियाँ छाई,
चालो जी सगला मिलके दादी ने सजावा,
माँ रानी सती सुन ले तेरो लाल बुलावे है,
दादी को है मेलो सजा ले तू थाल
चाल मेरे सागे तू झुंझुनू में चाल।
मंगल कलश उठाने वाली समझो खुल गया भाग तेरा।
कैसे भूलूंगा दादी मैं तेरा उपकार,
जिस ओर नजर फेरूं दादी,
चहुँ ओर नजारा तेरा है,
नारायणी शरणम,
नारायणी शरणम्,
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