ढोल बजावे ढोली,
माँ के भक्तो की आ गई टोली ।
Author: Pushpanjali
आओ रे आओ थाल सजाओ,
दीपक जलाओ चुनरी भी लाओ,
कोई प्यार से मेरी मैया को सजा दो,
गज़ब हो जायेगा
रण में आयी देखो काली,
खून से भरने खप्पर खाली,
इस पापी युग में गौ माता का, कोई कोई रखवाला,
देशनोक री करणी माता
घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा
ओ मोरी मैया की चुनर उड़ी जाए,पवन धीरे धीरे चलो री।
जग घूम लिया सारा मैंनें,
तेरे जैसा कोई और नहीं,
लाल लाल लहंगे मेँ गोटा चमके,
मंदिर देख डरे रे सुदामा ,
मंदिर देख डरे रे डरे ।
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