अंगना में तुलसा लगा दूंगी,
शालिग्राम जी को संग में बिठा दूंगी
Author: Pushpanjali
तेरी आरती गाऊं मैं सजाकर थाली,
विनती तू सुन ले जग दे वाली,
बाबा कर दे म्हारा ठाठ ना कमी रहे धन की।
शीतल कर मन मेरा, ओ माता शीतले।।
संवरने लगा हूँ तेरे नाम से प्यारे,
हनुमान आंजनेय कपि सेना नायक,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना,
मोहे कान्हा की याद सतावे, झराझर रोए रही मेरी अखियां
मेरी सासों की माला तेरे नाम,
ओ मेरे अलबेले राम,
जन्में थे आज बजरंगबली,
राम जी का काज संवारन को,
You must be logged in to post a comment.