बांके बिहारी नंदलाल रे ओ मेरी ले गयो चुनरिया।
Author: Pushpanjali
नमामि भक्त वत्सलं . कृपालु शील कोमलं ..
चली जा रही है ये जीवन की रेल,
हे गोविन्द राखो शरण, अब तो जीवन हारे ।
आओ माँ जगदम्बा, अब तेरे लाल पुकारे, चलता ये जीवन, मैया तेरे ही सहारे,
गौरा ने घोट कर, पीस कर छान कर,
शिव को भंगिया पिलाई, मजा आ गया,
तेरी आँखों के तारे करोड़ों माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा,
इस रज में मैं खो जाऊँ, इस ब्रज का ही हो जाऊँ।
अरे रे मईया शेरावाली,
अरे रे मईया पहाड़ावाली,
श्री राम राम जय राम श्री राम राम जय राम,
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