जिनू अपने श्याम नाल प्यार अज्ज उसनु नच्चना पऊ
Author: Pushpanjali
कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है,
फ़िकर फ़िर क्या करना सिर पर सीताराम,
जय जय राजा राम की जय लक्ष्मण बलवान,
प्रभु के सामने सर को झुकाओ काफी है,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो,
रच डारे,, भर दिये भंडार ये जग ल रच डारे,
श्री महाँकाल के नशे में पूरी दुनिया डोलती है,
मेरे भोले ने बुलाया लेके कावड़ मैं आया…..
आया सावन सुहाना है शिव के घर जाना है,
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