भाई थोड़ी सबर कोई कर जातो, बुरो हादसों टल जातो।
Author: Pushpanjali
शहर में मच गया हल्ला,
मेरी मां आने वाली है,
रिमझिम रिमझिम करती म्हारी, मात भवानी आवे रे
जुग में कायम कुण नर रहता
मेरी झोपड़ी में आजाओ भगवान जिमाउ आपने खिचड़लो।
बोल कन्हैया बोल तु तो, जेल में जन्मियो ।
राधा सुनी सुनी लागे, मारा श्याम बिना।
आ श्यामा आके लोहड़ी दे,
बिहारी घर मेरा बृज में बना दोगे तो क्या होगा
मन तुमसे लगा है ओ सांवरे,
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