विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में,
Author: Pushpanjali
कन्हैया आछी बजाई रे तू तो बासुरी
कन्हैया थारी बांसुरी जलेबी भरी रस की
चल खाटू चल खाटू, श्याम के मेले में
कर दो कृपा की नजरे हम पे भोलेनाथ जी,
कृष्णा खड़े मधुबन में हँसे मन-मन में राधा के घर जाना है
होली खेलण ने साँवरिया, बरसाना तू आजे रे,
हो नंद के बच के रहियो फिर से लठ बजाने वाले हैं।
होरी में रंग रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी।।
लेकर निशान हाथों में बाबा तेरे नाम का
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