रंग बरसे श्याम तुम्हारे कीर्तन में,रंग बरसे।
Author: Pushpanjali
एक मेरो दाऊ भैया और मेरी दो दो मैया
रणतभवंर सु आविया ओ बाबा सुंडाळा,,
रंगीलो सावन आयो रे सुरंगो सावन आयो रे
बुलवा ले बुलवा ले मने खाटू नगरिया बुलवा ले
खाटू वाले श्याम हमारे, आजा न हारे के सहारे
छोटो सो गजाननं लालो खेल बालू रेत म।
ओ मोहन तेरे आने से,बड़ी धूम मची है होली मे।
आयो आयो रंगीलो त्योहार, रमसयां फागण में
दिन होली का है आया ब्रज में मिलके रंग जमाया
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