जय जय जय बजरंगबली तोड़ दे दुश्मन की नली।
Author: Pushpanjali
देख के तेरी दिलदारी दिल यह हाले से
मुख से राम राम राम राम गाये जा।
हम तो दीवाने तेरे नाम के मोहन,
सब उम्र बीत गई धोखे में परिणाम न जाने क्या होगा
पैर तुम मत हटा देना मेरे मोहन
सुन अंजनी के लाला अंगूठी तूने कहां पाई।
ऐसी पूछ घुमाई बाबा ने ,अरे लंकापुरी घबराई रे आया राम दुलारा
लंका में कैसे आए वीर हनुमान।
मेरे बालाजी महाराज, महाराज जयकारा गूंजे गली गली।
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