कैक्टस से जीठानी का वैक्स करवाती।
Author: Pushpanjali
वचन मत भरियो स्वामी इस रे जमाने में
फूलन सो फूल रहयो वृंदावन धाम।लागी रट चहुं दिशी श्यामा श्याम।
साइकिल की घंटी बोले टन नना टन बोलो कहां गए थे
मेरी नौ दिन की मेहमान ओ मैया बैठी रहियो मंदिर में
मोहन बिक गए प्रेम नगरिया, जग में हल्ला होई गवा।
कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं
सतगुरु आया रे,
सैया म्हारे पावणा,
अरे काया में गुलजार थारी काया में गुलजार।
बनकर माझी जीवन नैया,प्रभु आपको पार लगानी है
You must be logged in to post a comment.