पहला नाम तुम्हारा शिमरू,
रिद्धि शिद्धि दो गणपत साई,
Author: Pushpanjali
मिन्दर री खिड़की तू तो खोल मीराबाई,
भोले बाबा मेरी गली आया करो। डम डम डमरू बजाया करो।
भोला बारात लेकर आ गए रे मैना के द्वारे।
भोलेनाथ नोट छापण की कद-सी मिले मशीन मन्न
आज सुनाऊं माता यशोदा तेरे कुंवर कन्हैया की, तेरे कृष्ण कन्हैया की। आदत बुरी सांवरिया की।
सांवरिया माने दासी बना लो सा
गाड़ी वाला नहीं था वह तो मुरली वाला था।
म्हारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी,
झूला झूल रहे भगवान नंद के अंगना मे
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