Categories
शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics

Mhara shivji me bhang kikar ghotu,म्हारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी,shiv bhajan

म्हारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी,

म्हारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

रामजी भी आया म्हारे लक्ष्मण जी भी आया।रामजी भी आया म्हारे लक्ष्मण जी भी आया। म्हारे सीता जी री गहरी मन में आवे मारा शिवजी,मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

ब्रह्मा जी आया म्हारे विष्णु जी आया।ब्रह्मा जी आया म्हारे विष्णु जी आया। मारे सरस्वती की गहरी मन में आवे मारा शिवजी,मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

दाऊजी आया म्हारे किशन जी भी आया।दाऊजी आया म्हारे किशन जी भी आया। म्हाने राधा जी री गहरी मन में आवे मारा शिवजी,मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

गुरुजी भी आया म्हारे सहेलियां भी आई।गुरुजी भी आया म्हारे सहेलियां भी आई। थारे दर्शन री गहरी मन में आवे मारा शिवजी,मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

म्हारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।मारे हथेलिया रे बीच छाला पड़ गया मारा शिवजी, मैं भांग किकर घोटूं जी।

Leave a comment