गैल मेरे बाबा डमरू वाला मने डरना क्या इनका।
Author: Pushpanjali
नजर मेरी या ढूंढे तने चारों ओर
झूले पलना में कृष्ण कन्हैया, बधाई बाजे गोकुल में।
आज मेरी मटकी तोड़ी यशोदा तेरे लाल ने।
बजे जब बंसी जमुना पार, तो सुनकर दौड़ी सब बृजनार।
देखो देखो रे हमने यशोदा तेरा लाल, मांये री तेरो लाल खेले कुंजन में।
कन्हैया मेरा जी घबरावे हो, हो यो सुमिरन कोन्या होता।
चार चार सखियां घर में बैठी भजनों में दोए घड़ी बेलो राम।
दीवाना हमें बन गयो। मस्ताना हमें बना गयो।
तेरे तो नैन कजरारे बावला हमको कर डाला।
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