पटना के हाट पर नरियर,नरियर किनबे जरूर
Author: Pushpanjali
कान्हा तेरी कब से बाट निहारू,
तेरी कब की बाट निहारु मने दर्शन दे सांवरिया,
आजा आजा मेरी शेरावालिए, आजा आजा मेरी मेहरा वालिए।
थे तो भजन करो नी दिल खोल के, कई करोला माया ने जोड़ के।
खाटू वाला ही बहुत है प्यार करने के लिए।
सुन राधिका दुलारी में,हूँ द्वार का भिखारी
मैं जोगी जटाधारी हूं,महादेव का पुजारी हूं
पति बिन चांद अधूरा।
सरयू के खड़े किनारे श्रीराम मांग रहे नैया
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