गजानन कारज सारों जी,
Author: Pushpanjali
मैया मुझे मालूम नहीं,मनाऊं तुझे कैसे मां,
बालाजी ये जीवन हमारा,आपके चरणों में है
मेरे दिल में है मैया, मेरे ह्रदय में है मैया, कण कण में समाई शेरावाली है
हरी हरी दूरबा चढ़ाऊं कैसे,मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे।
झूला झूले रे सांवरियो सरकार, ग्यारस आई झूलनी
इतना बता दे राधा रानी,श्याम तुझे कैसे मिले।
बड़ा आनंद आवे है,मैयाजी तेरे सत्संग में,
बस इतनी तमन्ना है, हे श्याम तुम्हे देखूं,घनश्याम तुम्हे देखूं।
सिंदूरी चोलो बजरंग बाला के लागे सोवनो
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