तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।मन मोहन मुरली वाले।मन मोहन मुरली वाले।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।
बागों में हमने ढूंढा, मालिन से जाकर पूछा। कलियों में छुप कर रहते हो मन मोहन मुरली वाले।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।
तालों में हमने हूंढा, धोबिन से जाकर पूछा। कपड़ों, लहरों में छुप कर रहते हो मन मोहन मुरली वाले।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।
महलों में जाकर ढूंढा राजा से जाकर पूछा। सेजो में छुप कर रहते हो मन मोहन मुरली वाले।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।
मेरे माथे की बिंदी छीनी, मैं लाज के मारे बैठी।
ना जाने कैसा छलबलिया गोकुल में आकर बस गया।तेरा पता ना पाया रे मन मोहन मुरली वाले।