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Jhuki aaye badra baras kyo na Jaye,झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए

Jhuki aaye badra baras kyo na Jaye

झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए।झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए।



झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए, अब तेरी आई रे बहार।झुक आए बदरा बरस क्यों न जाए।

कौन की भीगे चम्पा चूनरी, कौन की भीगे मारू चूनरी।कौन को भीगे सुआ पांग , झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



हमरी तो भीगे चम्पा चूनरी, हमरी तो भीगे मारू चुनरी।भैया को भीगे सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



काहे से धोऊँ चम्पा चूनरी, काहे से धोऊँ मारू चूनरी। काहे से धोऊँ सुआ पाग।झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



पानी से धोऊँ चम्पा चूनरी, पानी से थोऊँ मारू चूनरी।दूध से धोऊँ सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,

कहाँ सुखाऊँ चम्पा चूनरी, कहाँ सुखाऊँ मारू चूनरी।कहाँ सुखाऊँ सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,

धूप सुखाऊँ चम्पा चूनरी, धूप सुखाऊँ मारू चूनरी।छाँह सुखाऊँ सुआ पाग ।झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,

धूप की सूखी चम्पा फिकफिकी, धूप की सूखी मारू फिकफिकी।छाँह को लाल-गुलाल । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



काहे में रक्खूँ चंपा चूनरी, काहे में क्यूँ मारू चूनरी। काहे में रख सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



पिटरा में रक्खूँ चंपा चूनरी, पिटरा में क्यूँ मारू चूनरी। बक्सन में क्यूँ सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,



तीज निकालूँ चंपा चूनरी, तीज निकालूँ मारू चुनरी।दौज निकाले सुआ पाग । झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए,झुकि आए बदरा बरस क्यों न जाए

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