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विविध भजन

Surta ko karno hai byah,सुरता को करनो है ब्याव,

सुरता को करनो है ब्याव,

सुरता को करनो है ब्याव,
चुडला माँ ही मांडना तो निरखा घडी घडी।
हेली म्हारी सुरता को करनो है ब्याव।


जोड़ी का बनडा ना मिल्या हो जी
हेली म्हारी मिल्या मिल्या लोग हजार
उन से तो दिलडो ना मिल्यो हो जी
हेली म्हारी विपत बिरामन बुलावो जी
लगन जचाओ रे हो जी,सुरता को करनो है ब्याव,



हेली म्हारी छोड़ी दू आ मामा मोसाल
झुरता सो छोडू परिवार
पिया की लारा होई जाऊ हो जी
हेली म्हारी चढ़ी जाऊ आ ओघट घाट
काया गढ़ के छेकी जाऊ हो जी।सुरता को करनो है ब्याव,



हेली म्हारी
वा खुला हा दसमा द्वार
साहिब जी से जई मिलू वा हो जी
हेली म्हारी सुरता को दर दीन्हो ब्याव
जोड़ी का बनडा वा मिल्या हो जी।सुरता को करनो है ब्याव,

सुरता को करनो है ब्याव,
चुडला माँ ही मांडना तो निरखा घडी घडी।
हेली म्हारी सुरता को करनो है ब्याव।

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