म्हारे श्याम सुन्दर मन भाया ,
केशर रा तिलक लगाया ।
केशर चन्दन और अगरजा ,
मही पीस मंगवाया ओ ।
प्रेम कटोरा हरि रस भरिया ,
सतगुरु देवण आया ओ ।
केशर रा तिलक लगाया ।म्हारे श्याम सुन्दर मन भाया ,
केशर रा तिलक लगाया ।
सतगुरु आय धरण पग धरिया ,
सइयाँ मंगल गाया ओ ।
धूप दीप से करूं रे आरती ,
मोतियन चौक पुराया ओ ॥
केशर रा तिलक लगाया ।म्हारे श्याम सुन्दर मन भाया ,
केशर रा तिलक लगाया ।
ऊँची मेड़ी अधर झरोखा ,
माँहि पलंग ढलाया ओ ।
इण पलंग म्हारा सतगुरु पोढ़े ,
पंखा वाव दुलाया ओ ॥
केशर रा तिलक लगाया ।म्हारे श्याम सुन्दर मन भाया ,
केशर रा तिलक लगाया ।
वृन्दावन री कुंज गलिन में ,
कान्हे रास रचाया ओ ।
गिरधर लाल गोपाल भणीजे ,
राजा मान’ जस गाया ओ ॥
केशर रा तिलक लगाया ।म्हारे श्याम सुन्दर मन भाया ,
केशर रा तिलक लगाया ।