पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।
कोई पण्डित लोग बतावत है ,
समझावत रीतन को।
जब प्रीतम से दृढ़ प्रीत भई ,
सब रीत का बंधन टूट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।
कोई तीरथ दर्शन जावत है ,
कोई मंदिर में नित दर्शन को।
घट भीतर देव दीदार हुआ ,
तब से मन ये रूठ गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।
कोई जिव कहे कोई ईश कहे ,
कोई गावत ब्रह्म निरंजन को।
जब अंदर बाहर एक हुआ ,
सब द्वैत का परदा फुट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।