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Mangan chali hai suhag gora rani se,माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से,

माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



माथे को माँगू मैं लाल लाल बिंदिया, सिंदूर भरी रहे माँग, गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



कानों को माँगू में सोने के झुमके, गले में हीरों का हार गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



हाथों को माँगू में हरी हरी चूड़ियां, मेहँदी रचे दोनों हाथ गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



पैरों को माँगू मैं बजनी सी पायल, बिछिए हों बजनेदार गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



अंगों को माँगू मैं लाल लाल सारी, चुनरी हो गोटेदार गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।



जुग जुग जीवे मेरा गोदी का ललना, अमर रहे सुहाग गौरा रानी से।माँगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

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