तर्ज, हट जा ताऊ
तेरी बड़ी-बड़ी बात सुनी बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
मेहंदीपुर में मंदिर न्यारा।आके झुके संसार यह सारा। कोई तुझसा नहीं है बालाजी,हे अंजनी के लाला जी।
तेरी बड़ी-बड़ी बात सुनी बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
जिस घर में तेरी बजती ताली। उस घर मनती रोज दिवाली। तेरी घर-घर जोत जली बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
तेरी बड़ी-बड़ी बात सुनी बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
निर्धन तूने सेठ बनाये। अपने खजाने खूब लुटाये। भक्तों की मौज करि बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
तेरी बड़ी-बड़ी बात सुनी बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
तेरे भक्त तेरे गुण गाए, बैठे-बैठे मौज उड़ाए। तेरी हवा गगन में चली बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।
तेरी बड़ी-बड़ी बात सुनी बालाजी, हे अंजनी के लाला जी।