अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे। अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे। बोलो बोलो नंदकुमार, श्याम मेरे घर कब आओगे।
बाट निहारत थक गए नैना।तुम बिन मोहे पड़त नहीं चैना।क्यों भूले नंदलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे। बोलो बोलो मदन गोपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
मन में ज्वाला आंखों में पानी किससे कहूं दुख की कहानी। वीरह व्यतीत भयों हाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे।बोलो बोलो मदन गोपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
समदर्शी हो घट घट वासी, फिर क्यों भूल गए अविनाशी। भक्तों के प्रतिपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे।बोलो बोलो मदन गोपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
तुमसे नेह लगाई ओ रसिया। मन हर लीनहो बजा के बंसीआ। नटखट हो नंदलाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे।बोलो बोलो मदन गोपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
तुम्हरे दर पर जो कोई आया, मनवांछित फल तुरत ही पाया। रखियो म्हारो ख्याल श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे।बोलो बोलो मदन गोपाल श्याम मेरे घर कब आओगे।
अखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।घर कब आओगे,श्याम मेरे घर कब आओगे।