खीर चूरमा खाना श्याम ४
कान्हा बस पास में है झोपड़ी हमारी।🌹🌹 छोटा सा परिवार सेवा करेंगे तुम्हारी।🌹 गुजरो इधर से तो जरूर चले आना।🌹🌹 खाना खा कर जाना श्याम,खाना खा कर जाना।
आपको बुलाने में संकोच हो रहा है ।🌹🌹रोकना सकेंगे तुम्हें दिल रो रहा है।🌹🌹 लायक नहीं आपके गरीब का ठिकाना।🌹🌹 खाना खाकर जाना श्याम,खाना खाकर जाना।
आपकी हमारी कोई जान ना पहचान है।🌹 आपसे हमारी कोई दुआ ना सलाम है।🌹 🌹आप को बुलाकर हमें प्रेम है बढ़ाना।🌹🌹 खाना खाकर जाना श्याम, खाना खाकर जाना।
सुना है तुम करमा बाई की खिचड़ी को तरसे। बनवारी तुम जाए वहां जहां प्रेम बरसे।🌹🌹 हो सके तो सांवरे हमें भी आजमाना।🌹🌹 खाना खाकर जाना श्याम, खाना खाकर जाना।