तर्ज, बनाकर क्यों बिगाड़ा निभाया है निभाएगा, भरोसा मेरा बाबा, खाटू वाला हो लीले वाला। मेरा रखवाला हो खाटू वाला।निभाया है निभाएगा, भरोसा मेरा बाबा, खाटू वाला हो लीले वाला। मेरा रखवाला हो खाटू वाला।निभाया है निभाएगा, आई मुसीबत पास कभी तो,दूर ही मुझसे वो रुक गई। पास खड़ा था मेरा कन्हैया, सदके में उसके […]
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तर्ज, मंदिर में बड़ गयो होली खेलन से डरतो सांवरो सुन खाटू वाला,तेरे चरना की दे दे चाकरी।सुन खाटू वाला,तेरे चरना की दे दे चाकरी।तेरे चरना की दे दे चाकरी।तेरे चरना की दे दे चाकरी।सुन खाटू वाला,तेरे चरना की दे दे चाकरी।सुन खाटू वाला,तेरे चरना की दे दे चाकरी। तेरे दर का सांवरिया गर,चाकर बन […]
तर्ज, धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले श्याम के दर पर जाकर के, ग्यारस अर्जी लगा करके।श्याम के दर पर जाकर के, ग्यारस अर्जी लगा करके। मैंने जो मांगा मिल गया, किस्मत का ताला खुल गया।श्याम के दर पर जाकर के, ग्यारस अर्जी लगा करके।श्याम के दर पर जाकर के, ग्यारस अर्जी लगा करके। 12 […]
तर्ज,धमाल बाबा श्याम के दरबार, फागुन मेले की बहार, बाबा श्याम के।बाबा श्याम के दरबार, फागुन मेले की बहार, बाबा श्याम के। जो भी आए मेले माही, रिमझिम पड़े फुहार, बाबा श्याम के।बाबा श्याम के दरबार, फागुन मेले की बहार, बाबा श्याम के। भांत भांत का इत्र चढ़त है, महक रहयो दरबार तेरो।भांत भांत का […]
तर्ज, तेनु काला चश्मा जचदा द्वापर में कृष्ण कन्हैया ने ,क्या अद्भुत खेल रचाया था। यह बर्बरीक से शीश दान, कलयुग का देव बनाया था।द्वापर में कृष्ण कन्हैया ने ,क्या अद्भुत खेल रचाया था। यह बर्बरीक से शीश दान, कलयुग का देव बनाया था। तीन बाण कंधे पर सा, मेरे श्याम सजीले के। मेनू खाटू […]
तर्ज,धमाल फागण आयो रे सेठानी कर ले तू भी तैयारी, फागण आयो रे।फागण आयो रे सेठानी कर ले तू भी तैयारी, फागण आयो रे। होली खेला श्याम धनी संग, मन में या ठानी,फागण आयो रे ।फागण आयो रे सेठानी कर ले तू भी तैयारी, फागण आयो रे।फागण आयो रे सेठानी कर ले तू भी तैयारी, […]
पांवा में घुंघरिया रे ,मोटी मोटी आंखड़ली।पांवा में घुंघरिया रे ,मोटी मोटी आंखड़ली। छम छम करतो जाए लिलो मत वालो रे।लिलो मत वालो रे, बाबा ने लगे प्यारो रे। चांदीरा देवरिया चमके।पांवा में घुंघरिया खनके।चांदीरा देवरिया चमके।पांवा में घुंघरिया खनके। सर पर मोहरो लाल,लिलो मत वालो रे।लिलो मत वालो रे, बाबा ने लगे प्यारो रे।छम […]
छुट्टी लेकर काम की, टिकट कटा ली खाटू धाम की।छुट्टी लेकर काम की, टिकट कटा ली खाटू धाम की। मैं खाटू जाउंगा, बाबा को मनाऊंगा। कोई कितना भी रोके, रुक नहीं पाऊंगा।ना टेंशन है कोई काम की।छुट्टी लेकर काम की, टिकट कटा ली खाटू धाम की।छुट्टी लेकर काम की, टिकट कटा ली खाटू धाम की। […]
सिर पे पगड़ी राजस्थानी,बागो रंग केशरीया।सिर पे पगड़ी राजस्थानी,बागो रंग केशरीया। बनडो जीसो बाबो लागे,लागे ना नजरिया।सिर पे पगड़ी राजस्थानी,बागो रंग केशरीया।सिर पे पगड़ी राजस्थानी, अजी माथे केशर तिलक लगाए, अंखियां है कजरारी। नीले पर सज धज कर बैठा तीन बाण का धारी। खाटू के मंदिर में बैठा,मुस्काए सांवरिया।सिर पे पगड़ी राजस्थानी,बागो रंग केशरीया।सिर पे […]
तर्ज,रुत आई रे पपईया थारे बोलन की रुत आगी रे बाबा जी से बोलन की, रुत आगी रे।रुत आगी रे बाबा जी से बोलन की, रुत आगी रे। बाेलन की रे बतलावन की, रुत आगी रे।रुत आगी रे बाबा जी से बोलन की, रुत आगी रे। कई दिना सु डीक रहयो थो ,अव यो फागण […]
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