बन जाऊं सेठ ऐसी बांध पगड़ी। थारे मेंले में चढ़ाऊ मेरी दादी, में हीरा मोतयों वाली चुनरी।थारे मेंले में चढ़ाऊ मेरी दादी, में हीरा मोतयों वाली चुनरी। सारो गांव बोले तू है जग सेठानी।सारो गांव बोले तू है जग सेठानी। चुनरी में देख बोले मोटी सेठानी। ओढ़ता ही हो जा तेरी शान तगड़ी।थारे मेंले में […]
Tag: dadi bhajan
तर्ज,माई ये थारी जोत सवाई दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी। कोई बड़ा नसीब वाला पूजे, मां बडभागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी। गुरसामल जी के घर जन्मी, बाई नारायणी नाम। दादी को बाई […]
सुन मेरी मात मेरी बात,
छानी कोणी तेरे से,