फागण की छायी है बहार
आयी रे होली आयी रे
दिल ना तुम किसी का तोड़ो, दिल टुटा तो मंदिर टूटेगा,
ओ मुरली वाले मोहन, मुरली तो फिर बजाना,
पट खोल पुजारी रे मैं मां के मंदिर जाऊंगी।
ओ मुरली वाले तेरा प्यारा लगे धाम,
मोहें कान्हा बहुत सतावे सखीरी।
मैं तो नैनो की स्याही से लिख आई, मैया मानो ना मानो तुम्हारी मर्जी।
मेहंदी ओ मेहंदी कितनी तू भाग्यशाली।
तेरे दर पे लाई माँ फूलों की गठरी।
मेरी भीगी चुनर सारी, रंग डाल गयो गिरधारी,
You must be logged in to post a comment.