तेरे मोटे-मोटे नैना जादू कर गए रे,
तेरी सांवली सूरत पे हम तो मर गये रे…
मैया मेरा कर दे बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली,
पीले रंग दी ओ मेरे श्यामा दी वरदी पीले रंग दी
दादी थारे दरबार थारो टाबर आयो,
लाल रंग की चुंदड़ी जयपुर ते लायो,
रंग चढ़ गया माँ वाला लाल
आज ते कमाल हो गई
तेरी मेहरबानी का है बोझ इतना,
के मै तो उठाने काबिल नही हुँ,
ओ मुरली वाले मोहन,
मुरली तो फिर बजाना,
भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,
लागा रे लागा रे लागा, सांवरे के संग मन लागा,
ऊँची ऊँची पौड़ी चढ़कर आया तेरे द्वार माँ,
सुन ले पुकार माँ
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