चलो मैया के द्वार माँ ने याद किया,
रथोड़ा मोड लो माजीसा थारो भगता की और,
मईया के दर पे भक्त है आये,
करते है माँ का गुणगान,
श्याम से दिल का लगाना, कोई मजाक नहीं,
मैया नवरात्रों में मेरे घर भी चली आना,
तेरा भगत करे अरदास, ज्ञान मोहे दीजो हे काली
आम तले महुआ तले, मैया छम आय गयीं निमिया तले ।
छुक छुक रेल चली खाटू रिंग्स धाम रे
अपने बच्चों से मिलने को मैया धरती पे देखो आती है,
आंखें बंद करूं या खोलूं सामने बैठीं जगदम्बा,
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