रुनक झुनक पग नेवर बाजे,गजानंद नाचे,
जय गणेश गणनाथ दयानिधि,
सकल विघन कर दूर हमारे,
कोई कहियो रे प्रभु आवन की,
आवन की मन भावन की
लाल लाल चुनड़ी में मोती चमके
बैठी रे भवानी मेरी बण्ठनके,
करता वो याद तुझे
जिस पर तू मेहरबान हुई,
डावोडो मारगियो अम्बा जावे रे जैसोणे,
कैसे भूलूंगा मैया मैं तेरा उपकार, ऋणी रहेगा तेरा, ऋणी रहेगा तेरा हरदम मेरा परिवार।
मैया मनाये ना मानी, नारियल खो रिसानी।।
थारा बंगला में परदेसी, डटगो कोनी,
दर्शन दे दो अंबे मैया जियरा दर्शन को ललचाय।
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