शेरोवाली दा, दरबार प्यारा लगदा, अम्बे माँ भवानी दा, दरबार प्यारा लगदा।।
अम्बे अम्बे जपो चली आएगी भवानी, अम्बे अम्बे रटो चली आएगी भवानी,
निशदिन ढूंढत नैन सांवरिया, व्याकुल मन तरसे,
हे दीनबंधु शरण हूँ तुम्हारी, खबर लो हमारी ।।
लहराये देखो कैसे,लाखों निशान हैं, लाखों निशान हैं, श्याम के जयकारो से, गूंजे जहान है।
परनारी की प्रीत करे, नंगटा चोड़े धाड़े,
रूप मैया का दिल में उतर गयो रे। मेरा जीवन संवर के निखर गयो रे।
खेलेगी खेलेगी महारानी रण में खेलेगी।
सारे जगत की जननी,तू ही है शेरावाली,
कालो की काल महाकाली
भवानी माई कलकत्ता वाली।
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