राम का नाम जिसकी जुबा पे आया है,
ऊँचा भवन निराला गले तेरे में सुन्दर माला,
तुम अगर मोहन मुरली बजाते रहो,
गीत गाता रहूँ मैं तुम्हारे लिए,
जनमें अवध में राम मंगल गाओ री,
श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे,
भगवा ध्वज लहरायेंगे,
इतना कर दो करम खाटूवाले,
मैं भी आया हूँ तेरी शरण में,
पल पल न माने मेरा जिया, मैया के दर्शन करा दे पिया।
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता,
कन्हैया मेरो मांगे चन्द्र खिलौना।
जोगन कर रही रस्ता साफ़ आज मेरे मैया आवेगी,
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