दुनिया ये छलावा है,
कही तुम भी ना छल जाना,
श्याम सांवरिया तेरे भगत ने अलख जगाई है
प्रेमियों प्रेम से बोलो जय माता दी जय बोलो,
माँ के पावन नवरात्रो में, माँ की ज्योत जलाएंगे,
खाटू में बैठा है श्याम धणी सरकार,
बैठ नजदीक तूं सांवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा,
बनेगी जनकपुरी ससुराल सखी सब मंगल गाओ री,
कलयुग दे विच आ गया, इक छोटा जेया नाथ,
भोला रेहंदा बड़ी दूर भोला भोला,
बेटी अंगना की फुलवारी है, मत मारे मात गर्भ में,
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