प्रभु जी मेरा चित बड़ा करदा ए, तेरे दर्शन पावा मैं,
खाटू में बैठा है श्याम धणी सरकार,
बाबा के दीवाने है लाखो के पार,
तेरा दर मिल गया मुझको सहारा हो तो ऐसा हो
सतगुरु का हुआ अवतार मंगल गाओ जी,
बल्ले बल्ले मैं दाता दा फ़क़ीर हो गया,
तेरे हाथ मेरी डोर, मैं पतंग प्रभु जी,
लाया चरणा च दित्ता भरपूर दातिये,
सतगुरु तुम्हारे प्यार ने,
जीना सीखा दिया है,
ना छोड़िए ना छोड़िए मेरे सतगुरु प्यारे ना छोड़िए,
पाके घुंगरू पैरा दे विच नचना नि मैं,
दाती दे दरबार ते,
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