मुझे, अगले जन्म में, बनाना माँ,
पौढ़ी, अपने दरबार की,
कार्तिक कठिन बहार कार्तिक नहाओ जी
आया बैसाखी त्योहार, तेरे दर ते संगता पहुंच गईया,
है जिंदगी कितनी खूबसूरत, जिन्हें अभी ये पता नही है
श्री सतगुरु जी भगती के खजाने बैठे खोल के
नाकोडा में पार्श्व भैरव का, कितना सुंदर धाम है,
तुलसा महारानी तेरी जय होवे,
हरि की पटरानी तेरी जय होवे,
तुम्हे याद करते करते, गुजरे उमरिया सारी,
काले-काले शालिग्राम तुलसा हरी-भरी,
तुलसा हरी-भरी मेरे अंगना में खड़ी,
सांवरे प्यारे दर पे तुम्हारे, तेरे दीवाने आ गए
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