माँ करुणा बरसायेगी, माँ करुणा बरसायेगी
सोना मनमोहना होर नहीं होना
मेरी दुनिया मेरी खुशियां,
मेरे श्याम है तू ही
श्याम रंगीला रंगीला श्याम मेरा रंगीला….
कालो कि काल महाकाली कलकत्ते वाली,
तेरी मंजिल तो यही थी,
जिंदगी गुजर गयी आते आते,
माथे पर लगाते हो तुम क्यों पंख मोर का।
मीरा राजघराना छोड़ के, पति बना लिए गोपाल, दर-दर डोले ढूंढती।
मेरे बालाजी सरकार बड़े उपकारी है
कान्हा आ जाओ ब्रज में तुझे तेरी राधा पुकारे,
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