अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी,
अरज सुणो बनवारी,
अखा खोला ते वेखा संसार मालका,
मैया भोग गरीब का कबूल करो
ए श्याम तेरी बंसी की कसम,
हम तुमसे मोहोबत कर बैठे
सतगुरू दी दिवानी मैनू थोड़ कोई ना,
हारा वाले ते सुटिया डोरा आपे बेडा पार लान्गे
तेरा दर्शन सोना मैं पावा ज़माने कोलो की लेना,
देखी तेरी ये झांकी, श्री बाबोसा अंखिया मेरी हरखी……
Je mukh wekha tera ta din chadhda mera,
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ,
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