सब छोड़ के जमाना आया हु तेरे द्वारे,
मोहन को बना लो वकील मुकदमा जारी है
मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान,
सागर में नैया डाल दई।
है चंदा की चांदनी जिसमे, सूरज का तेज समाये,
जन्म लियो मेरे रघुराई,
अवधपुरी में बहार आई
तुम करो हरी से प्यार,
अमृत बरसेगा,
मैया की चुनरिया चमक रही रे, देखन को नजरियाँ तरस रही रे।
कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
बता दो ए मेरे मोहन, तेरा दीदार कैसे हो,
हो अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने,
दिया बाबोसा को ऐसा वरदान जी,
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