दिले में ना जाने सतगुरु क्या रंग भर दिया है,
मेरी तकदीर में तेरा प्यार है या नहीं
श्याम बंसी बजाते हो या मुझे बुलाते हो,
शरण में ले लो हे श्री राम,
मै ही नहीं कहता तुझको ये सारा जग बतलाता है,
किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्हीं हो
आओ आओ यशोदा के लाल .
आज मोहे दरशन से कर दो निहाल
थारा झालरिया में,, कोयलिया रो शोर बोले,
कलजुग कमज्या थोरी अजमाल रा, पत राखो भाने री लाज
वीर हनुमाना वीर बजरंगा, शिवजी के रूप श्री रामके संगा,
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