अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना,
मैया पल्ला तेरा पकड़ा है छुड़ईयाे मत होना,
अंगना तुलसा बाहर तुलसा, तुलसा बड़ी महान है,
श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए
मेरे भीगे नयन रोते हैं मैया तेरे दर्शन को,
शिरडी के साई रे,
कहाँ छुपे हो मेरी बा,
नाम लेने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा॥
दाता जी तेरे दरबार में दीवाने आये है,
प्रभु का नाम जप ले मना,
क्यों फिरदा डावाडोल मना
अपना बनाया सानू दाता ने
You must be logged in to post a comment.