भक्त तेरे यहाँ बैठे है
कहा जाये वीणा बजाये शारदे
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे,
नौ देवी की जल रही ज्योत बेगी आजा भजना में,
रूठी हुई गोरा को मनाऊ कैसे,
ईसर जी संग ब्याह रचाऊ कैसे
नईया ये छोड़ी मैने बाबा तेरे साहारे
खाटू आ जाने से श्याम दरस पाने से….
मुझपे भी थोड़ा सा उपकार कर दे,
रंग लगाए श्याम मेरे फागुन में आएके,
जय श्री श्याम का नारा बोलो अब ऊँची आवाज में,
गरज रही रण बीच कालका गरज रही,
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