ऐसा रंगया गुरा ने मन मेरा,
मैं राम राम बोलदी फिरा,
जबसे तूने थमा है बाबा मेरा हाथ,
भोले मेरे बाबा……
किस्से मांगे कहा जाये किस्से कहे,
ओ मेरी मैया शेरावाली भवन में आना होगा री
तुम्हें ढूढ़े कहाँ गोपाल,
तुम तो खोये कुंज गलिन में
किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान
ज्वाला तेरो धाम 14 भवन से न्यारो,
जनकपुर में बाजे बधाईयां
तुने सर पर रख दिया हाथ मात मैं क्या मांगू
मेरी बगिया के रखवाले श्याम खाटूवाले…..
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