कैसे तेरा दर्शन पाउ बंद पड़े सब द्वार,
कर रही सोच विचार मालनिया दे रही गाली,
सत्यवान के संग में जो तू ब्याह रचावेगी,
भीलनी के भगवान,
हे भीलनी के भगवान,
देवी भवानी हनुमान मैं मानूंगी
सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे….
मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ
मेरा चोला रंग दो मां शेरावाली,
नैना देवी नयन खोलो पुजारी द्वार आया है
ओ बाबोसा चुरू वाले, मेरा जीवन तेरे हवाले,
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