ओ मेरे बाबा, रूणिचा के बाबा, दर्शन करने आया,
आंधी के चलते अटकी, या तूफान के चलते, कैसे अटकी नैय्या, मेरे श्याम के चलते।
मच रहो हाहाकार आज यहा पृथ्वी पे,
बढ़ गया अत्याचार राम तेरी धरती पे
गोवर्धन अधर उठाए लिए री कान्हा ने
मैं बनके मोर रंगीला बरसाने फिरू अकेला
आन पड़ा हूं ठोकर में मां,
दुनिया का ठुकराया हूं,
कइसन अशुभ अमंगल भेष बा तोहार दुलहा,
राम नाम वालो झूंझणियो मेरा, सतगुरु आके बजा दियो,
लगा लो मात सीने से बरस 14 को जाते हैं,
चला चला रे ड्राइवर गाड़ी होले होले होले होले,
मैया के भवन में म्हारा मन डोले……
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