फूलों का हार लाई मैया में तेरी लिए
ढोल नगाड़े बजे शहनाइयां, आ गई आ गई आ गई मेरी नौ मैया।
भक्तों की भीड़ लगी, मां शेरावाली खूब सजी।
नवरात्रों में आओ दुर्गे मां, तेरा कीर्तन कराएंगे।
नौ रूप धर धरती पर मां आई शेरावाली
नौ बहनें आई भक्तों पर्वत को छोड़ के
मेरी मां के लम्बे बाल परांदा लंबा लइयो।
तेरी पायल की मीठी आवाज, गौरा जरा धीरे चलो।
जय जय जय हनुमान दुलारे पहुंच गया मैं द्वार तिहारे,
मेरी शेरावाली मां ,सच्चा तेरा दरबार।
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