ना ही रस्ता मिला ना ही मंजिल मिली।मिला जो तेरा दर सारी दुनियां मिली।
म्हारी कुलदेवी ने, मारी जगदंबा ने, घणा घणा ओलमा सा,
हार गया हूँ मैं खाटू वाले, तू आके मुझको थाम ले,
बाबा ओ बाबा, तेरे सिवा नहीं कोई हमारा,
आजा बाबा आजा, माता का वचन निभा जा, हारा हूँ मैं बाबा,
यारी तू निभाले श्याम से,
तेरे काम आयगी…….
मोरछड़ी के झाड़े से तेरे मिटेंगे कष्ट तमाम रे,
मुखड़ा मोड़ लो सांवरिया भक्ता की ओर,
अब ना चिंता ना फिकर,
ना किसी बात का डर,
किया ना तूने हरि से प्यार,
सारा जीवन दिया यूंही गुजार,
You must be logged in to post a comment.