पैसे की यह दुनिया है और पैसे की यह माया है,
कोयल कुक कुक के हारी दर्शन दे जा सांवरिया,
मेरे गुरुदेव मिलेंगे सत्संग में
जन्म जब जेल में पाया सुदर्शन चक्र धारी ने,
सतगुरु के दरबार से खाली नहीं जाएंगे,
सोणा तेरा दर्शन पांदे सारे जन,
जय बाबोसा… जय बाबोसा….
पुकारो दिल से, वो दौड़े आयेंगे,
आपका वेलकम गुरु महाराज,
तुम स्वामी दर्शन करने जाओ नंदलाल के। नर से बन जाओ नारी घुंघटा निकाल के।
तुम झोली भरलो भक्तो रंगो और गुलाल से,
होली खेलेगे परमहंस दयाल से….
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