महाकाल तेरे दरबार मे,
सर को झुकाने आ गए,
पढ़ो पोथी में राम लिखो तख्ती पे राम
सारे जग में विराजे रे मेरे शिव भोले।
गुरु मुरारी तने याद करे नर नार, के दर्शन कब दिखलाओगे
डस गयो रे भंवर कालो नाग, राधा तोरी अंगुली में ।।
लाख करो कोशिश जाता हुआ, वक्त ना रुकता है,
उठो हे पवनपुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है,
मेरे कर्मों का लेखा, दर पे तेरे लाया है, बड़ी किस्मत से श्याम, तेरा द्वार पाया है,
मेरी अंखियां तरसी तेरे, दीदार के लिए
बोल रहा है तनमन सारा राधे राधे
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