डार गए हो रंग रसिया रंगीली होली मे।
सारि रात याद तेरी आती रही।धीरे-धीरे जाना ओ फागन धीरे-धीरे जाना।
चरखे का खोल बनाया कारीगर कहां से आया।
राधा का नाम हमें निराला मिला है,
अरे गऊ माता रोवे खड़ी रे तबेले में,
कृष्ण नाम कही लीजे,
रे मन कृष्ण नाम कही लीजे,
बांके बिहारी सुध लो हमारी। तुम हो हमारे मैं हूं तुम्हारी।
बरसाना लगे मोहे प्यारो सखी,
इतनो मत कर श्याम श्रृंगार,
नार तोये नजर लगाये देगी ॥
ताने सुन सुन कर संसार के आया हु,
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